ग्रेटर नोएडा में ईवी चार्जिंग एवं बैटरी स्वैपिंग अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण हेतु अनुरोध

battery swapping station

ग्रेटर नोएडा में इलेक्ट्रिक वाहन (EV) चार्जिंग पॉइंट्स की स्थापना हेतु GNIDA एवं NPCL द्वारा किए गए प्रयासों के लिए हम आपका हार्दिक धन्यवाद व्यक्त करते हैं। वर्तमान में ईवी चार्जिंग शुल्क अन्य क्षेत्रों की तुलना में किफायती हैं तथा फास्ट चार्जर्स की उपलब्धता उपयोगकर्ताओं के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही है।

लोहिया रिवुलेट को “गंदे नाले” में परिवर्तित करने से उत्पन्न गंभीर जन स्वास्थ्य संकट एवं मास्टर प्लान 2021 के उल्लंघन के संबंध में

GNIDA

यह कि हमारी तीनों आवासीय सोसाइटियों – पुटिंग ग्रीन्स GH2 (150 फ्लैट), SDS NRI रेजीडेंसी (1500 फ्लैट) एवं NRI सिटी प्लॉट एरिया (600 मकान) अंसल गोल्फ लिंक 1 mai 1000 मकान – की सीमा से सटकर लोहिया रिवुलेट बहता है। इन सोसाइटियों में लगभग 10,000+ निवासी तथा *2 स्कूल, जिनमें एक नर्सरी स्कूल जॉली किड्स भी शामिल है, स्थित हैं।

पूरे सेक्टर की तरफ से अल्फा 2 को क्यों नर्क बना रखा है

f block greater noida

सुबह के समय यदि मैं वीडियो डालता हूं तो बोलते हैं सुबह को क्यों डाल रहे हो अभी तो सफाई होनी है दिन निकला है सफाई के बाद डालो ना कितना बचता है अब यह एक ही ब्लॉक खाली एफ ब्लॉक के फोटो है

सेक्टर बीटा-1 में फॉगिंग कार्य में लापरवाही के संबंध में शिकायत

fogging issues

सविनय निवेदन है कि हमारे सेक्टर बीटा-1 में फॉगिंग कार्य केवल औपचारिकता बनकर रह गया है। दिनांक 15/04/2026 को फॉगिंग की गई थी, उसके पश्चात लगभग 15 दिनों के अंतराल के बाद पुनः फॉगिंग हुई, जबकि इस बीच पूरे सेक्टर में नियमित रूप से फॉगिंग नहीं की गई।

ग्रेटर नोएडा का दिल परी चौक बदहाल: ग्रीन बेल्ट सूखी, अधिकारी बेपरवाह,परी चौक की दुर्दशा पर प्रशासन मौन

PARICHOWK NEWS

शहर की पहचान माने जाने वाले परी चौक की हालत बद से बदतर हो चुकी है। परी चौक के आसपास की ग्रीन बेल्ट, पार्क, सेंट्रल वर्ज और गोल चक्कर पूरी तरह उपेक्षा का शिकार हैं। जहां हरियाली होनी चाहिए थी, वहां आज सूखी घास, मुरझाए पेड़-पौधे और बेतरतीब झाड़ियां खड़ी हैं।

ब्लॉक की पटरियों पर उगी घनी घास की कटाई और साफ-सफाई कराने के संबंध में।

ब्लॉक की पटरियों पर उगी घनी घास की कटाई और साफ-सफाई कराने के संबंध में।

घनी घास के कारण जहरीले जीव-जंतुओं और सांपों का डर बना रहता है।

सफाई न होने के कारण जगह-जगह कूड़ा जमा हो रहा है, जिससे बीमारियों के फैलने की आशंका है।

पटरी समतल न होने के कारण बहुत जगह गड्ढे बने हुए है जिससे बारिश का पानी और गंदगी भर जाती है।
​अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि संबंधित विभाग को सी ब्लॉक की पटरियों की तत्काल सफाई करने, समतल करने और घास की कटाई सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित करने की कृपा करें। हमें पूर्ण विश्वास है कि आपके कुशल नेतृत्व में इस समस्या का शीघ्र समाधान होगा।

स्व-गणना (Self-Enumeration) की प्रक्रिया 7 मई 2026 से शुरू होकर 21 मई 2026 तक चलेगी

census india

उत्तर प्रदेश में जनगणना-2027 के प्रथम चरण मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना के तहत स्व-गणना (Self-Enumeration) की प्रक्रिया 7 मई 2026 से शुरू होकर 21 मई 2026 तक चलेगी।
Self Enumeration(स्व गणना) करने का तरीका

तपती हुई गर्मी मै भी दादरी में रेलवे लाइन रोड पर खुले में ही मजदूर सड़क बनाने का काम कर रहे हैं

noida news

दोपहर के 12:45, तपती हुई गर्मी मै भी दादरी में रेलवे लाइन रोड पर खुले में ही मजदूर सड़क बनाने का काम कर रहे हैं । कई जगह तो नियम आ गए हैं 12-4 बीच में मजदूर खुले में काम नहीं करेंगे क्योंकि हीट स्ट्रोक का खतरा रहता है

सेक्टर में मच्छरों की संख्या काफी बढ़ गई है, जिसके कारण सभी सेक्टरवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है

noida authority

अक्सर यह शिकायत मिलती है कि फॉगिंग की गाड़ी तेज गति से निकल जाती है या कुछ गलियों में फॉगिंग की गाड़ी नहीं आती है। इसी को ध्यान में रखते हुए आज मैं स्वयं फॉगिंग गाड़ी में बैठकर उसकी गति और रूट की मॉनिटरिंग कर रहा हूँ, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी गली छूटे नहीं और फॉगिंग प्रभावी तरीके से हो।

ग्रेटर नोएडा ग्रीन बेल्ट सेंटर वर्ज एवं हरित क्षेत्रों की बदहाली के सन्दर्भ में

tej pal nagar

ग्रेटर नोएडा एक ग्रीन और क्लीन सिटी के रूप में जाना जाता है लेकिन विगत कई माह से ग्रेटर नोएडा के ग्रीन बेल्ट, सेंटर वर्ज, पार्क बदहाल हुए पड़े हैं। मुख्यतः ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे सेंटर वर्ज, कासना से लेकर परी चौक एवं उसके आगे सूरजपुर तक इन ग्रीन बेल्टों की कोई देखरेख नहीं हो रही है।

“स्वच्छता, हरियाली और मूलभूत सुविधाओं को लेकर सेक्टरवासियों के साथ जनसंवाद”

jewar mla

“स्वच्छता, सड़क, जल निकासी, स्ट्रीट लाइट एवं सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु अधिकारियों को निर्देश एवं जनसहभागिता से समग्र विकास का संकल्प”

ग्रीन बेल्ट में कंक्रीट पाथवे निर्माण के विरुद्ध शिकायत एवं सुरक्षा संबंधी निवेदन।

ngt india

ग्रीन बेल्ट का उद्देश्य हरित क्षेत्र का संरक्षण है, न कि उसमें कंक्रीट निर्माण करना।
स्थानीय निवासियों का अनुरोध किसी भी स्थिति में पर्यावरणीय कानूनों से ऊपर नहीं हो सकता।
कथित स्वीकृति की पारदर्शिता संदिग्ध है—अतः संबंधित आदेश/अनुमति को सार्वजनिक किया जाए।