Zoho Company Sridhar Vembu: श्रीधर वेम्बू जोहो कंपनी के को- फाउंडर हैं. श्रीधर इस कंपनी में CEO के पद पर भी कार्य कर चुके हैं. लेकिन जल्द ही इस कंपनी को और आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने इस पद से जल्द ही त्याग दे दिया था. श्रीधर की गिनती भारत के अरबपतियों में की जाती है. भारत सरकार की तरफ से चलाई जाने वाली योजना मेक इन इंडिया को यह काफी सपोर्ट करते हैं.
जोहो कंपनी ने हाल ही में व्हाट्सएप की तरह फीचर देने वाली एप्लीकेशन Arattai को लांच किया हैं. इस कंपनी ने किसी भी एप्लीकेशन और टेक्नोलॉजी के निर्माण के लिए विदेशी फंडिंग और सपोर्ट का सहारा नहीं लिया है. भारत सरकार श्रीधर वेम्बु को पद्मश्री अवार्ड से सम्मानित कर चुकी है. इस आर्टिकल में श्रीधर वेम्बु की जीवन से जुड़ी जानकारी पढ़ने को मिलेगी.
Zoho Company Sridhar Vembu की जीवन परिचय
जोहो कंपनी के को फाउंडर श्रीधर वेम्बु ने साल 1989 में आईआईटी मद्रास से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री हासिल की है. कुछ समय के बाद 1994 में प्रिंसटन विश्वविद्यालय से पीएचडी की पढ़ाई पूरी किए हैं. श्रीधर के पिता का नाम सांबामूर्ति वेम्बु है. वह मद्रास हाई कोर्ट में कार्यरत थे. माता का नाम जानकी देवी है.
वह परिवार संभालती थी है. श्रीधर के तीन भाई है जिनका नाम है कुमार वेम्बू और सेकर वेम्बू और मनिकनंदन वेम्बू यह पेशे से बिजनेसमैन है. श्रीधर की दो बहने हैं एक का नाम राधा वेम्बू जो बिजनेस वूमेन है. और डॉ अमूधा हरी गाइनेकोलॉजिस्ट है. श्रीधर की शादी 1993 में पर्मिला श्री नीवासन से हुई थी. शादी के लंबे समय बाद दोनों के बीच तलाक हो गया. श्रीधर का एक पुत्र है जिसका नाम सिद्धअर्थ हैं. श्रीधर का लाइफस्टाइल बेहद साधारण है. ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने के लिए तत्पर रहते हैं. उनका सारा प्रयास देश के विकास को बढ़ावा देना है.
श्रीधर की पढ़ाई लिखाई
श्रीधर को JEE परीक्षा में 27वां स्थान प्राप्त हुआ था. उसके बाद आईआईटीएम इंडियन इंस्टीट्यूट टेक्नोलॉजी मद्रास (IITM) में दाखिला मिला. श्रीधर मास्टर्स और एचडी पीएचडी की पढ़ाई पूरी करने के बाद श्रीधर 1994 में सैनडिएगो कैलिफोर्निया में Qualcom नाम की एक कंपनी में वायरलेस सिस्टम इंजीनियर के पद पर कार्य किया. श्रीधर अपने भाई और अपने दोस्तों के साथ मिलकर करन्यूजर्सी USA में AdventNet.Inc इस कंपनी का उद्देश्य नेटवर्क मैनेजमेंट करना था. वर्ष 2003 में जोहो वर्चुअल टूल cloud division था.
वेम्बु की टीम वर्क में यह न मैनेजमेंट टूल सक्सेस रह था. 2005 में जोहो सीआरएम सॉल्यूशन और जोहो राइटर लॉन्च किया गया. Zoho University Program की तरफ से हाई स्कूल पासआउट छात्रों को सॉफ्टवेयर और कम्युनिकेशन डेवलपमेंट स्किल सीखना शुरू किया गया. साल 2009 में कंपनी का नाम Zoho Corporation Private Limited रख दिया गया. इस कंपनी का उद्देश्य crm कस्टमर रिलेशन मैनेजमेंट और SaaS सॉफ्टवेयर एज ए सर्विस प्रोवाइड करने पर बेस्ड था. 2020 में श्रीधर भारत आ गए. ताकि वह यहां के ग्रामीण परिवेश में रहकर लोगों को टेक्नोलॉजी का ज्ञान दे सके. 29 साल बाद 2021 में वेम्बू की तलाक का केस उनकी पत्नी पर्मिला श्रीनिवासन के साथ चला. यह कैसे USA कैलिफोर्निया में हुआ था.
Arattayi Messaging App
भारत आज भी कई सारे एप्लीकेशन को इस्तेमाल करने के लिए विदेशी कंपनियों की टेक्नोलॉजी पर निर्भर है. ऐसे में वेम्बू की कंपनी जोहो कीतरफ से बनाई गई एप्लीकेशन Arattai की भारत में काफी ज्यादा सराहना की जा रही हैं. श्रीधर को बिल गेट्स ऑफ़ इंडिया के नाम से भी जाना जाता है. 2019 में उन्हें इकोनॉमिक्स टाइम्स के द्वारा Auntypreneur of the year Tamilnadu चुना गया. साल 2021 में NSA अजीत डोभाल ने नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजरी बोर्ड में कार्य करने का मौका दिया. साल 2022 में कर न्यूज़ 18 के द्वारा स्टार्टअप कैटेगरी में उनको जगह दिया गया. श्रीधर वेम्बू की नेटवर्थ 8850 करोड़ रुपए बताई जाती है.