In response to my RTI,Delhi pollution control committee ( DPCC) has informed that.
👉 They have collected Rs158 cr as EDC( environmental damage compensation) in last ten years
👉 However only Rs 68 cr is roughly 43% of the EDC has been used.
👉 The highest EDC was collected in 25-26 Rs 36.53 cr
👉 The highest EDC spent was in 2024-25 Rs 35.93 cr
However DPCC has not shared the details of the work completed from EDC.
Regards
Amit Gupta
Around ₹90+ crore is unspent
This raises serious concerns:
Why is such a large amount not utilized?
Where is the money parked?
What environmental work has actually been done?
Delhi is among the most polluted cities of India regularly , however money collected/allocated for the pollution reduction or money collected as environmental damages is not getting used properly why so.
RTI: DPCC ने पर्यावरणीय क्षति मुआवज़े (EDC) का केवल 43% खर्च किया
मेरी RTI के जवाब में Delhi Pollution Control Committee (DPCC) ने जानकारी दी है कि:
👉 पिछले 10 वर्षों में ₹158 करोड़ EDC (Environmental Damage Compensation) के रूप में एकत्र किए गए।
👉 लेकिन इनमें से केवल ₹68 करोड़, यानी लगभग 43% ही खर्च किए गए।
👉 सबसे अधिक EDC वर्ष 2025-26 में ₹36.53 करोड़ एकत्र किया गया।
👉 सबसे अधिक EDC खर्च वर्ष 2024-25 में ₹35.93 करोड़ हुआ।
हालांकि, DPCC ने यह नहीं बताया कि EDC से कौन-कौन से कार्य किए गए।
👉 लगभग ₹90+ करोड़ अब भी खर्च नहीं किए गए हैं।
यह कई गंभीर सवाल खड़े करता है:
इतनी बड़ी राशि का उपयोग क्यों नहीं किया गया?
यह पैसा कहां रखा गया है?
वास्तव में पर्यावरण सुधार के लिए क्या काम हुए हैं?
दिल्ली देश के सबसे प्रदूषित शहरों में लगातार शामिल रहती है, फिर भी प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरणीय क्षति के लिए एकत्र की गई राशि का सही उपयोग नहीं हो रहा — यह चिंता का विषय है।
सादर,
अमित गुप्ता
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