ओम बिरला संपूर्ण जीवन परिचय, नेट इनकम, फैमिली बैकग्राउंड, राजनीतिक करियर, BIOGRAPHY OM BIRLA

OM BIRLA BIOGRAPHY: ओम बिरला का जन्म 23 नवंबर 1962 को राजस्थान कोटा में हुआ था. इनके पिता का नाम श्रीकृष्णा बिडला है. माता का नाम श्रीमती शकुंतला देवी है इनके भाई का नाम राजेश बिड़ला है. ओमप्रकाश बिड़ला हिंदू मारवाड़ी परिवार से ताल्लुक रखते हैं. इनका बचपन राजस्थान के कोटा में बीता है. इनका विवाह 11 मार्च 1991 को हिंदू रीति रिवाज से अमित बिडला से हुआ था. उनकी वाइफ डॉक्टर है. उन्होंने एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की है. इनकी दो बेटियां भी हैं. एक का नाम आकांक्षा बिड़ला है. छोटी बेटी का नाम अंजली बिड़ला है. ओम बिड़ला की छोटी बेटी अंजलि बिड़ला ने अपने पहले ही अटेम्प्ट में यूपीएससी की परीक्षा को पास करती है. इस चीज को लेकर काफी विवाद भी हुआ था. उनकी बड़ी बेटी आकांक्षा बिड़ला चार्टर्ड अकाउंटेंट है.

ओम बिड़ला की शुरुआती पढ़ाई

ओम बिड़ला की शुरुआती पढ़ाई कोटा राजस्थान से पूरी हुई है. उसके बाद उन्होंने गवर्नमेंट कॉमर्स कॉलेज कोटा और एमडीएस यूनिवर्सिटी अजमेर से कॉमर्स में एमए की डिग्री प्राप्त किए हैं. ओम साहब साधारण परिवार से ताल्लुक रखते हैं और उनकी राजनीति में कोई परी वालों तालुका नहीं है यह छात्र जीवन से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ गए थे. आरएसएस के विचारधारा से यह काफी प्रभावित हुए वहीं से इनका राजनीति से जुड़ाव बढ़ने लगा था छात्र युवा राजनीति में रहते हुए ओम जी 1987 में भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष के पद पर नियुक्त होते हैं. उसके बाद 1991 में भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में कार्य करना शुरू करते हैं. 2003 में विधानसभा का चुनाव होता है जिसमें इनको जीत हासिल होती है. ऐसे उनके जीवन में राजनीति का करियर शुरू होता है.

ओम बिड़ला का राजनीतिक करियर

ओम जी को 19 जून 2019 को लोकसभा का अध्यक्ष चुना जाता है. ओम जी को कोटा बूंदी निर्वाचन क्षेत्र राजस्थान से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर 16वीं और 17वीं लोकसभा के लिए चुना जाता है. उसके बाद 16 मई 2014 को वह अपना संसदीय पद संभालते हैं. वह सबसे पहले राजस्थान की विधानसभा के लिए तीन बार उनकी नियुक्ति की जाती है. उसके बाद वह 1987 से 1991 तक कोटा से भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष के पद पर रहते हुए कार्य करते हैं. ओम जी को 1979 में छात्र संघ का अध्यक्ष बनाया जाता है. 2003 में राजस्थान विधानसभा में कोटा दक्षिण से शांति धारीवाल के खिलाफ वह अपनी पहली जीत हासिल करते हैं. ओम जी राजनीति में कदम रखने से पहले वह नेशनल को ऑपरेटिव कंज्यूमर फेडरेशन लिमिटेड में कार्य कर चुके थे. वहां की कंपनी में वह उपाध्यक्ष के रूप में सेवाएं दे रहे थे.

बिरला जी अपने जीवन में सामाजिक कार्य को उच्च स्थान देते हैं. उन्होंने संसदीय सचिव के रूप में गरीबों और असहाय लोगों की आर्थिक सहायता भी करते रहते हैं. ओम जी भारतीय जनता पार्टी से कोटा लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाचित सदस्य और लोकसभा का अध्यक्ष के रूप में भी कार्य कर रहे हैं. ऐसे में ओम जी को राजनीति में किसी प्रकार की कोई सहायता तो नहीं मिली है. लेकिन उनका राजनीतिक सफर सफल रहा है. इनकी इनकी कुल संपत्ति 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान अपने चुनावी रिपोर्ट में बताए गए जानकारी के मुताबिक इनकी कुल संपत्ति 10.61 करोड़ रुपए थी. 2019 में इनकी कुल संपत्ति 4.79 करोड़ रुपए थी.

ओम जी की राजनीतिक सफर

भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष साल 1987 में बने थे. उसके बाद भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष साल 1991 में ओम जी को बनाया गया था. ओम जी साल 1997 में भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के रूप में निर्वाचित होते हैं. उसके बाद साल 2003 में राजस्थान में हुए विधानसभा चुनाव में कोटा दक्षिण से निर्वाचित हुए थे. ओम साहब साल 2008 में राजस्थान में होने वाले विधानसभा चुनाव में दोबारा कोटा दक्षिण से निर्वाचित हुए थे. उसके बाद साल 2003 में राजस्थान में हुए विधानसभा चुनाव में वह तीसरी बार जीत हासिल करते हैं. 2024 में ओम जी बीजेपी पार्टी की सरकार बनने पर विधायक रहते हुए दक्षिण कोटा निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा का चुनाव लड़ते हैं और उनको इसमें जीत हासिल होती है. साल 2019 में दोबारा लोकसभा चुनाव होता है और इस बार भी उनका चयन लोकसभा का अध्यक्ष के रूप में होता है. लोकसभा का अध्यक्ष वह एमपी बनने के बाद बने थे.

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