शशि थरूर का प्रारंभिक जीवन
Shashi Tharoor Biography: 9 मार्च 1956 को शशि थरूर का जन्म इंग्लैंड के लंदन में हुआ था. उनके पिता का नाम चंद्रन थरूर और माता का नाम लिली थरूर था. शशि थरूर का परिवार केरल के पलक्कड़ से ताल्लुक रखता है. यह मलयाली संस्कृति रीति रिवाज में पले बढ़े हैं. इनके जीवन में माता-पिता की अहम भूमिका रही है. इनके पिता अपने काम के सिलसिले से भारत के अलग-अलग शहरों जैसे कोलकाता मुंबई दिल्ली में समय बताए थे. साथ ही शशि थरूर को अलग-अलग शहरों में रहने का सौभाग्य प्राप्त हुआ.
वहां से उनको अलग-अलग संस्कृति रहन-सहन सीखने को मिला. शशि थरूर की तीन शादियां हुई है. पहली शादी तिलोत्मा मुखर्जी के संग 1981 में हुई थी. वह कोलकाता की रहने वाली थी. तिलोत्मा मुखर्जी और शशि थरूर शादी से पहले एक दूसरे को डेट कर चुके थे और एक दूसरे को समझना के लिए शादी से पहले टाइम भी बिताते थे. तिलोत्तमा मुखर्जी सुंदर तो थी ही साथ ही एक शिक्षित महिला भी थी. शशि थरूर की उम्र तिलोत्मा से कम थी. शशि थरूर और तिलोत्तमा के दो जुड़वा बच्चे हुए एक का नाम कनिष्क और दूसरे का नाम ईशान है. तिलोत्तमा शशि थरूर का डाइवोर्स 2007 में हो गया था.
तिलोत्मा न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर के पद पर सेवाएं दे चुकी हैं. शशि थरूर की दूसरी शादी 2007 में कनाडा की रहने वाली राजनयिक क्रिसटा जाइल्स के संग एक लंबा समय बिताने के बाद हुआ था. क्रिसटा जाइल्स यूनाइटेड नेशन के एक डिपार्टमेंट में डिप्टी सेक्रेटरी के पद पर कार्य करती थी. वहीं आगे शशि थरूर को भारतीय राजनीति में अपनी भूमिका निभाने लगे और भारत में आकर रहने लगे. दूरियां बढ़ने के कारण उनकी दूसरी शादी भी टूट गई. उनकी पत्नी अपने देश वापस चली गई. शशि थरूर की तीसरी शादी सुनंदा पुष्कर से हुई थी. सुनंदा पुष्कर और शशि थरूर हमेशा एक दूसरे संग मीडिया की हेडलाइन बने रहते थे.
सुनंदा पुष्कर पढ़े-लिखी महिला होने के साथ-साथ अनुभवी एक बिजनेसमैन भी थी. सुनंदा पुष्कर और शशि थरूर की शादी सिर्फ 4 वर्षों तक चल पाई और एक दिन खबर आती है कि सुनंदा पुष्कर इस दुनिया को अलविदा कर चुकी है. उनकी मौत कैसे हुई किस कारण से हुई यह आज भी एक चर्चा का विषय है. फिर उसके बाद शशि थरूर की अभी तक शादी नहीं हुई है.
शशि थरूर की शिक्षा
शशि थरूर की शुरुआती पढ़ाई कोलकाता और मुंबई जैसे शहर से हुई है. समृद्ध परिवार से ताल्लुक रखने के कारण शशि थरूर को विदेश में भी पढ़ने का मौका मिला है. थरूर ने बीए की डिग्री दिल्ली यूनिवर्सिटी के सेंट स्टीफेंस कॉलेज से पूरी की है. 1974 में थरूर दिल यूनिवर्सिटी में आयोजित की जाने वाली छात्र संघ चुनाव में हिस्सा लेते थे. वहीं से उनके व्यक्तित्व में राजनीतिक और एक कुशल वक्ता के गुन दिखाना शुरू हो गया था.
शशि थरूर की सोच और समझ लेखक एक कुशल वक्ता और राजनीतिक दुनिया से ताल्लुक रखने वालों से मिलने झूलने लगा था. कॉलेज में होने वाले विवाद विवाद प्रतियोगिता में वह बढ़ चढ़कर भाषण देते थे. 1978 में मेडफोर्ड अमेरिका चले गए वहां मेडफोर्ड स्थित टफ्टस यूनिवर्सिटी का फेमस प्लेजर स्कूल ऑफ लॉ एंड डिप्लोमेसि में अंतरराष्ट्रीय संबंध में डॉक्टरेट की उपाधि 22 साल की उम्र में हासिल की है.
शशि थरूर की राजनीतिक करियर
शशि थरूर यूनाइटेड नेशन में अंडर सेक्रेटरी के पद पर कार्य कर चुके हैं. महासचिव का इलेक्शन भी लड़ चुके हैं और वह चुनाव हार गए थे. यदि वह इस चुनाव में जीत हासिल कर लेते तो सबसे कम उम्र के महासचिव बन जाते हैं. 2009 में कांग्रेस पार्टी ज्वाइन करते हैं और कांग्रेस पार्टी के टिकट पर अपने गृह राज्य केरल के तिरुवंतपुरम लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ते हैं यहां इनको जीत हासिल होती है. 2010 में उन्हें विदेश राज्य मंत्री भी बनाया जाता है. उसके बाद शशि थरूर मानव संसाधन राज्य मंत्री बनाए जाते हैं.
शशि थरूर और उनकी साहित्यिक योगदान
शशि थरूर 19 वर्ष से अधिक पुस्तकों के लेखक हैं. उनके द्वारा लिखी हुई प्रमुख पुस्तक के इस प्रकार हैं.(द ग्रेट इंडियन नोवेल 1989) (इंडिया फ्रॉम मिडनाइट टू द मिलेनियम 1977) और (एन एरा ऑफ़ डार्कनेस 2016).
शशि थरूर की कुल संपत्ति
2024 के लोकसभा चुनाव के नामांकन पत्र में अपनी संपत्ति का हल्फनामे में खुलासा किए थे. जिसके मुताबिक उनकी कुल संपत्ति 55 करोड़ रुपए से अधिक बताई गई है. 2014 में उनकी संपत्ति 23 करोड़ थी. 2019 में 35 करोड़ हुई थी. 10 सालों में उनकी संपत्ति दोगुनी हो चुकी है. शशि थरूर के पास 534 ग्राम गोल्ड यानी 32 लाख रुपए का सोना है. 36000 रुपए का कैश है. अचल संपत्ति 6.75 करोड़ रुपए की बताई गई है. उनके पास दो कार मारुति सियाज और मारुति xl6 भी है.
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