बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पढ़े संपूर्ण जीवन परिचय, शिक्षा,नेट इनकम,राजनीतिक सफर

SAMRAT CHOUDHARY BIOGRAPHY: बिहार में हुए 2024 2025 के विधानसभा चुनाव में एनडीए को जबरदस्त जीत हासिल हुई है. एनडीए पार्टी ने सम्राट चौधरी को बिहार का उपमुख्यमंत्री का पद दिया है. सम्राट चौधरी के एजुकेशन क्वालीफिकेशन के बारे में स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है. 2010 के चुनावी हलफनामे के अनुसार वह सातवीं तक पढ़े लिखे हैं. आगे की पढ़ाई मदुरै कामराज विश्वविद्यालय से प्री फाउंडेशन कोर्स किया हुआ है. यह दसवीं कक्षा के बराबर मानी जाती है. उसके बाद कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी यूएसए डॉक्टर ऑफ लिटरेचर की उपाधि प्राप्त किए हैं. यह सिर्फ एक मानद उपाधि है.

सम्राट चौधरी का जन्म 16 नवंबर 1968 को मुंगेर के लखनपुर गांव में हुआ था. उनके पिता का नाम शकुनी चौधरी और माता का नाम पार्वती देवी है. सम्राट चौधरी समृद्ध परिवार से ताल्लुक रखते हैं और इनका पारिवारिक बैकग्राउंड राजनीतिक इतिहास से जुड़ा रहा है. इनके पिताजी सात बार विधायक और सांसद के तौर पर काम कर चुके हैं. वहीं उनकी माता तारापुर निर्वाचन क्षेत्र से विधायक के रूप में कार्य कर चुकी है ऐसे में सम्राट चौधरी पर अपनी पारिवारिक जिम्मेदारी इनके कंधे पर है. सम्राट चौधरी की शादी ममता कुमारी से हुई है और वह वकील के रूप में कार्य करती हैं. इनका एक बेटा और एक बेटी है.

सम्राट चौधरी की राजनीतिक सफर

साल 1990 में सम्राट चौधरी की राजनीतिक सफर की शुरुआत होती है. सबसे पहले वह लाल प्रसाद यादव के पार्टी राष्ट्रीय जनता दल से जुड़ते हैं. उसके बाद में 1999 में राबड़ी देवी की सरकार में सम्राट चौधरी को बिहार का कृषि मंत्री का पद दिया जाता है. उनका राजनीतिक सफर शुरुआत से ही विवादों से पूर्ण रहा है. जिसकी वजह से नवंबर 1999 में सम्राट चौधरी को अपने मंत्री पद से इस्तीफा दे देना पड़ा था. 2000 में वह पहली बार परबत्ता विधानसभा सीट से विधायक के रूप में नियुक्त हुए थे. सम्राट चौधरी साल 2010 में पुनः इसी सीट से विधायक चुने गए थे सम्राट चौधरी साल 2014 में आरजेडी पार्टी से खुद को अलग कर लेते हैं और जेडीयू में शामिल हो जाते हैं. उसके बाद जीतन राम मांझी की पार्टी जेडीयू में सम्राट चौधरी को शहरी विकास और आवास मंत्री का पद दिया जाता है.

उसके बाद 2017 से 2018 में बीजेपी में वह शामिल हो जाते हैं. बीजेपी का राज्य उपाध्यक्ष उनको बना दिया जाता है. उसके बाद 2020 में सम्राट चौधरी बिहार विधानसभा परिषद के सदस्य के रूप में नियुक्त किए जाते हैं. साल 2021 में सम्राट चौधरी को बिहार सरकार में पंचायती राज का मंत्री बनाया जाता है. उसके बाद अगस्त 2022 में सम्राट चौधरी को बिहार विधान परिषद में विपक्ष के नेता के रूप में नियुक्ति मिलती है. 2023 मार्च में सम्राट चौधरी को बिहार राज्य इकाई के अध्यक्ष के रूप में नेता चुना जाता है. उसके बाद जुलाई 2024 तक इस पद पर रहते हुए कार्य करते हैं. उसके बाद जनवरी 2024 में सम्राट चौधरी को बिहार का डिप्टी सीएम बनाया जाता है. सम्राट चौधरी विजय कुमार सिंह के साथ बिहार के दो उपमुख्यमंत्रियों में से एक के रूप में शपथ ले चुके हैं. सम्राट चौधरी समृद्ध और राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखते हैं इसके बावजूद भी उनको राजनीति में टिके रहने के लिए कई बार दल बदल करना पड़ा है. फिलहाल तो वह पूर्ण रूप से भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में कार्य कर रहे हैं.

सम्राट चौधरी की कुल संपत्ति

सम्राट चौधरी के पास चल संपत्ति है. उन्होंने बैंक खाता नगद राशि बीमा निवेश गहनों में पैसे इन्वेस्ट कर रखे हैं. उनके पास कूल नगद राशि 1,71,550 रुपए हैं. इसमें से सम्राट चौधरी के पास कुल 13,500 रुपए हैं. और उनकी पत्नी के पास 35000 रुपए हैं. सम्राट चौधरी के पास करीब 9.30 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति है. और वहीं यदि उनके पूरे परिवार के संपत्ति मिला दिया जाए तो 1,98,62,854 रुपए की चल संपत्ति है. ऐसे में अगर सभी संपत्तियों को मिला दिया जाए तो सम्राट के पास लगभग 11 करोड़ रुपए की चल अचल संपत्ति हो जाती है. यह जानकारी सम्राट चौधरी के द्वारा पेश की गई चुनावी हालफनामा में दर्ज है.

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