9 जनवरी 1955 को एस जयशंकर का जन्म राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हुआ था. एस जयशंकर के पिता का नाम कृष्णास्वामी सुब्रमण्यम IAS अधिकारी थे. कृष्णास्वामी सुब्रमण्यम भारत के सबसे प्रमुख राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीतिकारों राजनीतिक मामलों में एक्सपर्टीज रखते थे. यह कारगिल युद्ध के बाद और कई भारतीय सरकारी समितियो के साथ कार्य कर चुके हैं.
एस जयशंकर के पिता कृष्णास्वामी सुब्रमण्यम 1999 में पद्म भूषण पुरस्कार लेने से इनकार कर दिए थे. उन्होंने इस पर अपना बयान भी जारी किया था. उनका यह मानना था कि नौकरशाहों और पत्रकारों को सरकारी सम्मान नहीं लेना चाहिए. 1998 में कृष्णास्वामी सुब्रमण्यम अटल बिहारी वाजपेई सरकार के समय में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सलाहकार बोर्ड का संयोजक नियुक्त हुए थे. राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सलाहकार बोर्ड में परमाणु सिद्धांत का ड्राफ्ट भी तैयार किया था. इस ड्राफ्ट का इंपॉर्टेंट पॉइंट (नो फर्स्ट यूज ) I इनकी सुब्रमण्यम की मृत्यु 2 फरवरी 2011 में हुई थी.
एस जयशंकर की पर्सनल लाइफ
बता दे आपको एस जयशंकर के तीन बच्चे हैं. दो बेटे और बेटी. बेटे का नाम ध्रुव जयशंकर और अर्जुन जयशंकर है. जबकि बेटी का नाम मेघा जयशंकर है. एस जयशंकर के दो भाई भी हैं. संजय सुब्रमण्यम और एस विजय कुमार. संजय सुब्रमण्यम इतिहासकार के रूप में कार्य करते हैं. एस विजय कुमार भारत के पूर्व ग्रामीण विकास सचिव रह चुके हैं. और माता का नाम सुलोचना स्वामी है. इन्होंने संगीत में पीएचडी की है. जयशंकर की पत्नी का नाम क्योको है.
वह मूल रूप से जापान के रहने वाली हैं. आपको यह बात जानकर हैरानी होगी कि जयशंकर की पहली पत्नी का नाम शोभा था. उनकी मृत्यु हो गई थी. जिसके बाद जयशंकर ने 9 जनवरी 1962 को टोक्यो की रहने वाली क्योको से शादी किए थे. पहली पत्नी की मृत्यु कैंसर के कारण हो गई थी. वही जयशंकर का परिवार शिक्षित और समृद्धि बैकग्राउंड से ताल्लुक रखता है इनका बड़ा बेटा ध्रुव अमेरिका में थिंक टैंक के साथ कार्य करते हैं. उन्होंने एक अमेरिकन लड़के कसांड्रा से शादी किया है. जयशंकर की बेटी मेधा अमेरिका के लॉस एंजेलिस सिटी में फिल्म इंडस्ट्री में एक्टिव है. जयशंकर हिंदू और ब्राह्मण जाति से ताल्लुक रखते हैं.
एस जयशंकर की शिक्षा
एस जयशंकर की शुरुआती पढ़ाई नई दिल्ली के एयर फोर्स सेंट्रल स्कूल से हुई है. उसके बाद सेंट स्टीफेंस कॉलेज नई दिल्ली से उन्होंने बीए की डिग्री हासिल की है. 1997 में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से इंटरनेशनल रिलेशनशिप एमफिल किए हैं. 1981 में पीएचडी की पूर्ण पढ़ाई करते हैं. उसके बाद में सिविल सेवा में कदम रखते. 24 साल की उम्र में भारतीय विदेश सेवा में कार्य करने लगे थे. जयशंकर भारत के राजदूत कई देशों में रह चुके हैं.
जयशंकर भारत की तरफ से राजदूत इन देशों के लिए रहे हैं. जैसे कि अमेरिका रूस चीन और भी कई देशों का नाम इसमें शामिल है. जयशंकर विदेशी मामलों में बहुत अधिक जानकार है. उन्होंने अपना ज्यादातर समय विदेश मंत्रालय में दिया है. 2019 में केंद्र सरकार में दोबारा भारतीय जनता पार्टी आती है. जयशंकर की मेहनत को देखते हुए बीजेपी पार्टी अपने मंत्रालय में शामिल कर लेती है. जयशंकर के राजनीतिक पारी यही से शुरू होती है.
वह देश के 17 वें लोकसभा में विदेश मंत्री के रूप में कार्य करना शुरू करते हैं. उसके बाद 5 जुलाई 2019 को भारतीय जनता पार्टी उनको गुजरात से राज्यसभा के लिए सांसद के रूप में नियुक्त करती है. आगे जयशंकर को विदेश सचिव के पद से विदेश मंत्री बना दिया जाता है. भारत के लिए सबसे अधिक समय तक भारतीय राजपूत के रूप में वह कार्य करने वाले एकमात्र राजनेता है. जयशंकर सचिव के पद पर कार्य करना चाहते थे. वह 5 साल तक सचिव के पद पर कार्य भी कर चुके हैं. साल 2019 में हुए अपने इस पद से रिटायर्ड हुए थे. उसके तुरंत बाद उन्हें विदेश मंत्री का पद दे दिया गया था.
एस जयशंकर की कुल संपत्ति
साल 2024 के हलफनामे के अनुसार जयशंकर की कुल संपत्ति 20.09 करोड़ रुपए बताई गई है. दिल्ली में उनका दो मकान है शिमला में 1.5 एकड़ की कृषि भूमि है. विदेश में भी उनके बैंक में पैसे हैं. 2019 में कुल संपत्ति 15.1 करोड़ रुपए था.जो बढ़कर 20.09 करोड़ रुपए हो गया है. एस जयशंकर का पूरा नाम सुब्रमण्यम जयशंकर है.