कैसे एक भाषण से बदली भारत की पहली महिला राष्ट्रपति श्रीमती प्रतिभा देवी सिंह पाटिल का जीवन,SMT PRATIBHA DEVI SINGH PATIL BIOGRAPHY

Written by: Juhi

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Saurabh

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PRATIBHA DEVI SINGH PATIL BIOGRAPHY: भारत की पहली महिला राष्ट्रपति श्रीमती प्रतिभा देवी सिंह पाटिल का जीवन परिचय इस आर्टिकल में आप पढ़ने जा रहे हैं. प्रतिभा देवी सिंह पाटिल का प्रारंभिक शिक्षा फैमिली बैकग्राउंड राजनीतिक कैरियर से जुड़ी हर एक जानकारी इस आर्टिकल में दी गई है.

श्रीमती प्रतिभा पाटिल का जन्म 19 दिसंबर 1934 को जलगांव में माता गंगाबाई और पिता नाना साहेब के घर हुआ था. प्रतिभा पाटिल 6 भाई बहनों में से तीसरे स्थान पर आती है. इनका शुरुआती बचपन उनके पैतृक गांव नंदगांव और जलगांव साथ ही चालीसगांव में बीता है. इनकी माता की मृत्यु 12 साल की उम्र में ही हो गया था. प्रतिभा पाटिल का पालन पोषण उनकी मौसी बासाहेब की देखरेख में हुआ है. प्रतिभा पाटिल का पालन पोषण अनुशासित धार्मिक रीति रिवाज विचारशील महिला के रूप में हुआ था.

श्रीमती प्रतिभा पाटिल कितनी पढ़ी लिखी है?

श्रीमती प्रतिभा पाटिल के पिता नाना साहेब ने अपनी बेटी को अच्छा जीवन हाई एजुकेशन देना चाहते थे. प्रतिभा पाटिल के पास राजनीति विज्ञान और अर्थशास्त्र में दोहरी स्नातक की डिग्री प्राप्त है. महाराष्ट्र विधानसभा मेंबर बनने के बाद प्रतिभा विधि की डिग्री स्नातक प्राप्त करती है.कहा जा सकता है कि श्रीमती प्रतिभा पाटिल एक होनहार और मेहनती महिला थी. उनके पास ज्ञान का भंडार था. प्रतिभा पाटिल को पढ़ाई में रुचि होने के साथ-साथ खेल में भी रुचि था. प्रतिभा पाटिल कॉलेज में आयोजित होने वाले गतिविधियों में पार्टिसिपेट करती थी. उनकी विशेष रुचि टेबल टेनिस में थी. टेबल टेनिस में उन्होंने विभिन्न जिला स्तरीय चैंपियनशिप में प्रतिभागी रही है.

प्रतिभा पाटिल का राजनीतिक करियर

प्रतिभा पाटिल शिक्षित महिला थी. उनके बोलने की कला हर किसी को प्रभावित करता था. प्रतिभा पाटिल के द्वारा बोले गए एक एक बातों में समाज का विकास छाया परिलक्षित होती थी. पाटिल एक बार चालीसगांव में राजपूत सम्मेलन होता है. उसमें वह अपना पहला भाषण देती है. उनके समुदाय के बुजुर्गों को उनके द्वारा दी गई भाषण बहुत ज्यादा प्रभावित करता है. उसी समय महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री यशवंतराव चचव्हाणन ने पढ़ी-लिखी महिलाओं को राजनीति में आने की सिफारिश की. उसके बाद प्रतिभा पाटिल को अपने कौशल के आधार पर एदलाबाद निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस पार्टी का टिकट ऑफर किया जाता है. 1962 में प्रतिभा पाटिल अपना पहला चुनाव लड़ती है. उसमें वह तीन दिग्गज नेताओं को हराती हैं.

श्रीमती प्रतिभा पाटिल का निजी जीवन

श्रीमती प्रतिभा पाटिल की शादी 1965 में डॉक्टर देवी सिंह आर. शेखावत से शादी करती हैं. डॉ देवी सिंह आर शेखावत पेशे से टीचर और सामाजिक राजनीतिक लीडर थे. प्रतिभा पाटिल का जीवन जितना दिलचस्प है. उतना ही उनके पति शेखावत का भी दिलचस्प रहा है. अमरावती निर्वाचन क्षेत्र के विधायक 1985 से 1992 तक कार्य किये. बाद में 1992 में अमरावती के पहले महापौर बने.

शिक्षा के क्षेत्र में भी डॉक्टर शेखावत का उल्लेखनीय योगदान रहा है. वह अमरावती विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलपति रह चुके हैं. रसायन विज्ञान विषय में पाठ्यक्रम को परिभाषित करने वाली महाराष्ट्र राज्य विद्यालय शिक्षा बोर्ड समिति के मेंबर रह चुके हैं. साथ ही मिडिल स्कूल के लिए उन्होंने संयुक्त रूप से पाठ्य पुस्तके भी लिखी हैं. प्रतिभा पाटिल और डॉक्टर शेखावत के दो बच्चे हैं. बेटे का नाम राजेंद्र है बेटी का नाम ज्योति हैं.

श्रीमती प्रतिभा देवी सिंह पाटिल का राष्ट्रपति कार्यकाल

श्रीमती प्रतिभा देवी सिंह पाटिल 25 जुलाई 2007 को भारत के 12वें राष्ट्रपति पद की शपथ लेती है. भारत की वह पहली महिला राष्ट्रपति भी है. श्रीमती प्रतिभा पाटिल 8 नवंबर 2004 से 21 जून 2007 तक राजस्थान की राज्यपाल भी रह चुकी हैं. प्रतिभा पाटिल हमारे देश की हर एक महिलाओं के लिए प्रेरणा स्रोत है. जो अपने जीवन में कुछ पाना चाहती हैं. यदि आपके पास शिक्षा का पावर है. तो आप भी देश बदल सकती हैं. प्रतिभा पाटिल का जीवन हमें यही सीख देता है.

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