ममता बनर्जी का जन्म 5 जनवरी 1955 को कोलकाता के बंगाली परिवार पिता परमेश्वर बनर्जी माता गायत्री देवी के घर हुआ था. ममता अपने पिता परमेश्वर बनर्जी को स्वास्थ्य संबंधी कर्मियों के कारण 17 साल की उम्र में खो दी थी. ममता बनर्जी की माता की मृत्यु 2011 में 81 साल की उम्र में हुआ था. ममता के छे भाई बहन है.
अमित बनर्जी अजीत बनर्जी काली बनर्जी बाबेन बनर्जी गणेश बनर्जी समीर बनर्जी. ममता बनर्जी अविवाहित है. ममता बनर्जी के भाई अमित बनर्जी का बेटा अभिषेक बनर्जी बंगाल की राजधानी में सक्रिय रूप से कार्य करते हैं. अभिषेक बनर्जी को ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी से 16वीं लोकसभा के लिए चुना जा चुका है.
ममता बनर्जी की शिक्षा
ममता बनर्जी की शुरुआती पढ़ाई उनके शहर से हुई है 1990 में देशबंधु शिशु शिक्षालय से उच्च माध्यमिक बोर्ड की परीक्षा पास आउट की है. उसके बाद दक्षिण कोलकाता में मौजूद जोगमाया देवी कॉलेज से इतिहास में ग्रेजुएट हैं. उसके बाद कोलकाता विश्वविद्यालय से इस्लामी इतिहास में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त की है. श्री शिक्षायतन कॉलेज से B.Ed किया है.
1982 में ममता बनर्जी ने कोलकाता विश्वविद्यालय योगेश चंद्र चौधरी लॉ कॉलेज से एलएलबी की डिग्री प्राप्त की है. पिता के कम उम्र में मृत्यु होने के कारण ममता बनर्जी अपने परिवार को आर्थिक तंगी की समस्या से बचाने के लिए बचपन से ही काम करना शुरू कर दी थी. ममता बनर्जी को पेंटिंग करने का काफी ज्यादा शौक था. 2012 में ममता बनर्जी की पेंटिंग फ्लावर पावर न्यूयॉर्क में नीलामी हुई थी. जिसकी कीमत 300 डॉलर थी.
ममता बनर्जी का राजनीतिक करियर
ममता बनर्जी की राजनीतिक करियर जब वह 15 वर्ष की थी तभी से शुरू हो गई थी. ममता बनर्जी छात्र परिषद यूनियन की स्थापना कर चुकी है. यह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की एक छात्र शाखा है. ममता बनर्जी को उड़ीसा के कलिंगा इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी से डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त है. ममता बनर्जी ने आर्थिक समस्याओं को मात देकर शिक्षा को अपना हथियार बनाई है. ममता बनर्जी 1976 से 1980 तक पश्चिम बंगाल की महिला कांग्रेस आई की महासचिव बनी थी. उसके बाद सन 1984 में लोकसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल के जादवपुर संसदीय क्षेत्र से ममता बनर्जी एक अनुभवी नेता के तौर पर उभरती हैं. इस क्षेत्र से वह सांसद भी बन चुकी हैं.
1991 में हुए दक्षिण कोलकाता संसदीय क्षेत्र से ममता बनर्जी चुनाव लड़कर जीत चुके हैं. 1991 ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल राज्य की मानव संसाधन विकास और युवा एवं खेल साथ ही महिला एवं बाल विकास मंत्रालय में सेवाएं दे चुके हैं. उस समय देश के प्रधानमंत्री पी.वी नरसिम्हा राव जी थे. इन सभी पदों पर कार्य करने वाली उस समय की वह पहली महिला भी थी. जो इन सभी पदों पर कार्य कर रही थी. ममता बनर्जी ने सरकार को अपनी चुनौतियों से कई बार विरोध प्रदर्शन भी कर चुकी है. उन्होंने अपने पद पर रहते हुए कई सारे बदलाव करने के प्रयास में.
ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस पार्टी का स्थापना
ममता बनर्जी 1997 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी में कार्य करती थी. लेकिन उनके विचार अलग थे. जिस पर वह कार्य करना चाहती थी. उसके लिए उन्होंने अपना अलग पार्टी ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस पार्टी यानी की टीएमसी रखती हैं. 1999 में ममता नेशनल डेमोक्रेटिक एलायंस एनडीए में शामिल होती है. अटल बिहारी वाजपेई जी की सरकार में उन्हें रेल मंत्री बनने का मौका दिया जाता है.
ममता बनर्जी 2002 में अपने राज्य पश्चिम बंगाल को अधिक लाभ देने के लिए पहली रेल बजट पेश करती हैं. 2009 में आम चुनाव होने थे. उससे पहले यूनाइटेड प्रोगेसिव एलाइंस यानी यूपीए में शामिल होती है. इस दौरान वह दोबारा रेल मंत्री बने के लिए चुनी जाती है. पश्चिम बंगाल में 2010 में नगर निगम का चुनाव होता है. इस चुनाव में ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी कोलकाता नगर पालिका कॉर्पोरेशन में 62 सीटों से जीत हासिल करती है.ममता बनर्जी की नेटवर्थ.
ADR यानी एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म की रिपोर्ट के मुताबिक सबसे गरीब मुख्यमंत्री पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी हैं. उनके पास 15 लाख रुपए हैं.पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी देश की सबसे गरीब मुख्यमंत्री की लिस्ट में आती है. लेकिन एक महिला मुख्यमंत्री ने एक राज्य पर अधिक लंबे समय तक राज किया है. इस आर्टिकल में आप ममता बनर्जी की बायोग्राफी पढ़ने जा रहे हैं.