भारतीय रसोई घरों में जल्दी खाना बनाने के लिए प्रेशर कुकर का इस्तेमाल किया जाता है. प्रेशर कुकर गैस की बचत और समय के बचत करता है. साथ ही प्रेशर कुकर में बने हुए खाने का स्वाद अलग ही होता है. इस आर्टिकल में हम आपको बताने जा रहे हैं. कि अगर आप अपने रसोई घर में प्रेशर कुकर का प्रयोग करते हैं. खाना बनाने में तो आपको कुछ सावधानी भी बरतनी चाहिए. जैसे अगर आप एक ही प्रेशर कुकर का इस्तेमाल की 2 से 3 साल तक करते हैं. तो उसमें कई सारी कमियां आने लगती है. जो समय रहते आपको बदल देनी चाहिए. आखिर ऐसा क्यों करना चाहिए आप आगे आर्टिकल में पढ़ेंगे.

भारतीय रसोई घरों में आपको आमतौर पर एल्यूमिनियम और स्टील के पदार्थ से बनी हुई बर्तन मिल जाएंगे. आधुनिक समय में लोग ग्लासेस के बने हुए बर्तनों का भी इस्तेमाल करने लगे हैं लेकिन अभी भी पारंपरिक और ज्यादातर काम में एल्युमिनियम और स्टील के बर्तनों का ही प्रयोग किया जाता है दोनों का असर इंसानी शरीर पर अलग-अलग पड़ता है. लेकिन हाल ही में कुछ विशेषज्ञों ने खुलासा किया है कि यदि आप अल्युमिनियम से बने प्रेशर कुकर का इस्तेमाल लंबे समय तक करते हैं. तो आपको सावधानी बरतनी होगी. चलिए कौन से सावधानियां आपको करनी नहीं है. आगे आप जानेंगे.
भारतीय रसोई घरों में इस्तेमाल होने वाला प्रेशर कुकर अल्युमिनियम मैटेरियल से बना होता है. और अल्युमिनियम मैटेरियल इस्तेमाल और समय के साथ व्यवहार से पतला होता जाता है. प्रेशर कुकर का सतह खुरदुरा होने लगता है. जाने अनजाने में लोग इस बात पर ध्यान नहीं दे पाते हैं. आगे चलकर उनको गंभीर बीमारियों का परेशानियों का सामना करना पड़ता है.
एक्सपर्ट की राय
Experts ने इस चीस को लेकर चिंता जाता चुके हैं. एसजीटी यूनिवर्सिटी गुरुग्राम के फॉरेंसिक डॉ. भुपेश कुमार शर्मा ने खुलासा किया है कि एलुमिनिष के समान में खाना बनाने से उसके मटेरियल धीरे-धीरे घिसने लगते हैं. जब कुकर में कोई कटी हुई चीज पकाई जाती है जैसे कट्टी टमाटर काटे नींबू इमली यह सारी चीजों में Ascorbic Acid की मात्रा पाई जाती है. इसी को खाने से शरीर में अनेक प्रकार की समस्याएं होने लगते हैं. जो इंसान अक्सर अंदाजा नहीं लगा पाते हैं.
पुराने अल्युमिनियम मैटेरियल के बर्तन में खाना बनाने के नुकसान
पुराने एल्युमिनियम के बर्तनों में जब खाना बनाया जाता है तो एल्युमिनियम के छोटे-छोटे कान खाने के अंदर चले जाते हैं और यह हमारे नर्वस सिस्टम पर सीधा असर डालते हैं. इसके चलते इंसानों को भूलने की बीमारी और उनके हड्डियां कमजोर होने लगती हैं. ऐसे में यदि किसी भी अल्युमिनियम बरतन में आप खाना बनाने जा रहे हैं. तो आप उसकी अच्छे से जांच पड़ताल कर ले. कि उसमें कहीं किसी प्रकार की खुरच तो नहीं है अगर है तो आप उसे तुरंत ही बदल दे.
1 से 2 साल एल्युमिनियम कुकर का करें इस्तेमाल
एक्सपर्ट्स बताते हैं कि अल्युमिनियम कुकर का इस्तेमाल एक से दो साल करना ही बेहतर माना जाता है. यह बात अल्युमिनियम कुकर की क्वालिटी पर डिपेंड होती है. अलुमिनियम के कुकर हमेशा अच्छी क्वालिटी के खरीदे. ताकि 2 से 3 साल तक उसका प्रयोग किया जा सके. आप परंपरागत बर्तन जैसे पीतल के बर्तनों में खाना पकाएं.