कुत्ते के काटने को ना ले हल्के में, तुरंत ले डॉक्टर की सलाह, Do not take dog bites lightly

Written by: Juhi

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Saurabh

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देश में अचानक आवारा कुत्तों की बढ़ती हुई संख्या को देखते हुए सरकार ने कई अहम फैसले ले लिए हैं. साथ ही अचानक से लोगों पर यह कुत्ते हमला करके घायल भी कर देते हैं. अभी कुछ दिन पहले एक कुत्ते के बच्चे को कबड्डी प्लेयर ने बढ़ाने की कोशिश की थी तो कुत्ते का नाखून लग जाने के कारण कुछ समय बाद रेबीज का टीका ना लगवाने पर उसे खिलाड़ी की मौत हो गई थी. कुत्ते का काटना एक जानलेवा बीमारी है. कुत्ते का काटना और उसके बाद रेबीज का टीका ना लगवाना मौत का ही कारण बनता है और देश में कुत्ते काटने की जो संख्या है वह बढ़ती जा रही है लेकिन आपको हम बता दें कि कुत्ते के काटने से सिर्फ रेबीज बीमारी ही नहीं बल्कि कई और गंभीर और जानलेवा बीमारियां हो सकती हैं.

DOG PIC
IMAGE CREDIT: PIXABAY

साथ ही रस्ते चलते कुत्तों का झुंड बच्चे और आम लोगों पर वह अचानक जानलेवा हमला भी कर देते हैं जिसमें कई सारे बच्चों ने अपना जान भी गवा दिया है साथ ही कई सारे लोगों को जानलेवा गंभीर बीमारियों से तड़प कर भी मरना पड़ा है. सुप्रीम कोर्ट के मुताबिक दिल्ली एनसीआर के एरिया के सभी आवारा कुत्तों को पड़कर शेल्टर होम में रखा जाएगा यह फैसला कुछ समय में बढ़ते हुए कुत्तों के बढ़ते हमले और उसे हुए लोगों को नुकसान को ध्यान में रखते हुए लिया गया है. स्पेशल गाने के बाद सभी के अपने-अपने रहे हैं और लोगों में ज्यादातर खुशी है. क्योंकि जो आवारा कुत्ते हैं उनको कोई भी वैक्सीन नहीं लगाया गया है. जिसके चलते अनजाने में उनको तो के हमले से कई लोगों ने अपना जान से हाथ धोया है.

पस प्युरुलेन्ट बीमारी और बैटेरिया, सेप्सिस के बारे में जाने

एक्सपर्ट्स के मुताबिक कुत्ते जब काटते हैं कुत्ते के जरिए इंसान के शरीर में खतरनाक बैक्टीरिया अपना घर बना लेता है. इस बैक्टीरिया का CAPNOCYTOPHOGA CANIMORSUS. यह बैक्टीरिया उन लोगों को ज्यादा प्रभावित करता है जिनका इम्यूनिटी सिस्टम हद से ज्यादा कमजोर होता है और जिन लोगों को कैंसर और डायबिटीज जैसे बीमारियां है यह बैक्टीरिया उनके शरीर में जल्दी फैल जाता है और कुत्ता शरीर के जी भाग पर काटता है वहां पर सूजन और स्क्रीन का कलर लाल हो जाता है समय नहीं मिलने पर टिका नहीं लगवाने पर दवाई नहीं लेने पर व्यक्ति की मौत हो सकती है या फिर वह गंभीर बीमारी का शिकार भी हो सकता है.

DOG BITE

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सेप्सिस में यह होता है कुत्ता जिस जगह पर काटता है उसे जगह को अगर डॉक्टर को नहीं दिखाया जाएगा तो वह बैक्टीरिया शरीर में जाकर इंसानी धमनियों की जो खून होती है. उसको रोक देता है ब्लड का सरकुलेशन रुक जाता है
शरीर का जो ब्लड होता है उसकी मात्रा खत्म होने लगती है और नजरअंदाज करने पर इंसान की जान भी जा सकती है.

कुत्ते के काटने पर सावधानी रखने योग्य बातें

यदि कुत्ते ने काट लिया है इसको हल्के में ना लें तुरंत जाकर उसे हिस्से की सफाई करें और डॉक्टर को संपर्क करें.

रेबीज का इंजेक्शन जरूर ले. इसमें बिल्कुल भी लापरवाही ना करें.

डॉग बाइट के बाद शरीर में कमजोरी के लक्षण दिखाई देते हैं और बुखार भी आती जाती रहती है.

कुत्ता जब काट लेता है और ऐसे में कोई रेबीज का इंजेक्शन नहीं लेता है तो तीन से 6 महीने में उसे व्यक्ति के अंदर कुत्ते के लक्षण दिखाई देने लगते हैं और उसको पानी पीने से भी डर लगने लगता है साथ ही उसका शरीर काम करना बंद कर देता है और लास्ट में मरीज की मौत भी हो जाती है तो आप कुत्तों से सावधान रहें अगर कुत्ते ने काट लिया है तो तुरंत जाकर रेबीज का और इंजेक्शन ले और डॉक्टर को संपर्क करें.

HUMANS WITH ANIMAL

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