लोगों के बदलते खानपान और लाइफस्टाइल से उनमें कब्ज और एसिडिटी की समस्या आम देखने को मिल जाती है जिसके चलते ना तो आप अपने काम पर फोकस रह पाते हैं और ना ही शांत इसके कारण अपने एंजायटी और फ्रस्ट्रेशन भी होने लगता है.


जब सही से पेट साफ नहीं होता है तब कब उसकी समस्या हो सकती है और इसके चलते पेट भारी रहना पेट फूलना पेट में दर्द होना साथ ही उल्टी सा महसूस होना यह सब कब्ज की निशानी होती है.
बात करें एसिडिटी की तो पेट में मौसम बदलने और कुछ अनहेल्दी खा लेने से पेट में एसिड की मात्रा ज्यादा हो जाती है तो इसके चलते एसिडिटी के लक्षण दिखाई देते हैं इसके कारण पेट में जलन खट्टी डकार और सीने में जलन जैसे समस्याएं होती हैं.


एसिडिटी तब होता है जब लाइफस्टाइल में बाहर का जंग फूड मसालेदार खाना बासी खाना सही टाइम से ना सोना लेट से उठाना कम पानी पीना इन सब चीजों के कारण कब्ज और एसिडिटी जैसे समस्याएं होती हैं.
कब्ज और एसिडिटी के चलते इंसान हमेशा थकान सर दर्द मुंह से बदबू त्वचा संबंधी समस्याओं से जूझता रहता है. वही जब कब्ज होता है तो इंसान को लगता है कि ज्यादा पानी पीने से उसकी समस्या ठीक हो सकती है एसिडिटी होता है तो लगता है कि ठंडा पानी पीने से या फिर चीनी और नमक का पानी पीने से एसिडिटी ठीक हो सकता है.


लेकिन इन सभी चीजों के प्रयोग से असर जल्दी नहीं दिखते हैं. तो तो आखिर क्या करना चाहिए जिससे की कब्ज और एसिडिटी पर काबू पाया जा सकता हैं. आपको आज किस आर्टिकल में बताते हैं.

पानी की संतुलित मात्रा कब्ज और एसिडिटी से राहत
एक्सपर्ट्स का मानना है कि संतुलित मात्रा में पानी पीने से शरीर में तरोताजगी बनी रहती है साथ ही कई सारे परेशानियों से छुटकारा पाया जा सकता है यदि आप पानी की मात्रा कम पीते हैं तो इससे शरीर में पानी की कमी होती है साथ ही साथ अपाचे गैस एसिडिटी पेट का फूलना जलन घबराहट की समस्या भी देखने को मिलती है ऐसे में पानी शरीर को सही तरीके से कार्य करने के लिए ऊर्जा देती है और पानी शरीर के लिए एक प्रमुख ऊर्जा का स्रोत भी है.

पानी को लेकर आयुर्वेद का मत
आयुर्वेद के मुताबिक दिन भर में छोटे-छोटे ग्रुप में पानी की मात्रा शरीर में लेती रहनी चाहिए गर्मी के मौसम में पानी की मात्रा अधिक पीने की बढ़ जाती है और सर्दियों में काम पानी कुछ कुछ समय के अंतराल पर्याप्त मात्रा में पीना चाहिए.

यदि आप चाहते हैं कि आपको एसिडिटी और कब्ज की समस्या का सामना न करना पड़े तो आप इन कुछ बातों का ध्यान रख सकते हैं.
अपने खाने में मौसमी फल और हरी सब्जियों को शामिल करें
ज्यादा स्ट्रेस ना ले और समय से सोने का प्रयास करें.
भोजन को धीरे-धीरे और पर्याप्त मात्रा में चबाकर खाएं.
मसालेदार और फास्ट फूड खुद को दूर रखें.
छोटे-छोटे समय अंतराल में पानी की सही मात्रा पीते रहें.
सुबह खाली पेट गुनगुना पानी पीने की आदत बनाएं.