Akhilesh Yadav Biography: अखिलेश यादव का जन्म 1 जुलाई 1973 का उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के सफाई में मुलायम सिंह यादव के घर हुआ था. इनकी माता का नाम मालती देवी है. अखिलेश यादव के पिता मुलायम सिंह ने अपने जीवन में दो बार शादी किए थे. पहली पत्नी का नाम मालती देवी था. दूसरी पत्नी का नाम साधना गुप्ता था. मुलायम सिंह यादव उत्तर प्रदेश के गद्दारवर नेता और मुख्यमंत्री रह चुके हैं. समाजवादी पार्टी की स्थापना में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रह चुकी है.
समाजवादी पार्टी के निर्माण में मुलायम सिंह यादव कई दशकों तक मेहनत करते रहे. वही मुलायम सिंह की दोनों पत्नियां राजनीति से दूर रही है. उन दोनों का राजनीति में किसी प्रकार की कोई दखल अंदाजी नहीं रही है. मुलायम सिंह की दूसरी पत्नी साधना यादव का एक बेटा है. उनका नाम प्रतीक यादव है. वहीं मुलायम सिंह यादव की पहली पत्नी मालती देवी से सिर्फ एक संतान अखिलेश यादव है. अखिलेश यादव के द्वारा घोषित की हुई लोकसभा चुनाव 2024 के हलफनामे के अनुसार उनकी संपत्ति 42 करोड़ रुपए बताई गई थी. उनके नाम पर एक भी गाड़ी रजिस्टर्ड नहीं है.
अखिलेश यादव का व्यक्तिगत जीवन
अखिलेश यादव की शादी डिंपल यादव के संग 24 नवंबर 1980 उनकी पत्नी राजनीति में पूर्ण रूप से अपनी जिम्मेदारी निभा रही है. 2019 में सांसद का वह चुनाव भी लड़ी थी. जिसमें उनकी हार हुई थी. मैनपुरी की सांसद भी रह चुकी हैं. डिंपल यादव और अखिलेश यादव के तीन बच्चे हैं. जिसमें दो बेटियां और एक बेटा है. एक बेटी का नाम अदिति और दूसरी का नाम टीना है. बेटे का नाम अर्जुन है. अखिलेश यादव का परिवार हिंदू और सनातन धर्म को फॉलो करता है. उत्तर प्रदेश की पूरी राजनीति में प्रतिद्वंद्वी के रूप में अखिलेश यादव को माना जाता है.
अखिलेश यादव की शिक्षा
अखिलेश यादव की शुरुआती पढ़ाई उनकी अपने पैतृक गांव इटावा के सेंट में स्कूल से पूरी हुई है आगे की पढ़ाई धौलपुर मिलिट्री स्कूल राजस्थान से पूरी हुई साल 1994 से 95 में कर्नाटक की श्री जयचामाराजेंद्र कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग से पर्यावरण में इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त किए हैं. अखिलेश यादव ऑस्ट्रेलिया जाते हैं. वहां वह सिडनी यूनिवर्सिटी से एमबीए की पढ़ाई पूरी करते हैं.
अखिलेश यादव की राजनीतिक करियर
अखिलेश यादव समृद्ध और राजनीतिक रूप से पावरफुल परिवार से ताल्लुक रखते हैं. उनके पिता उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके थे. ऐसे में उनका पूरा परिवार ही राजनीति में पूर्ण रूप से प्रभावि रहा है. अखिलेश यादव को इसका पूर्ण लाभ मिला है. अखिलेश यादव को राजनीति में दिलचस्पी नहीं थी. लेकिन पारिवारिक और अपनी विरासत संभालने के लिए उनको राजनीति में आना पड़ा. अखिलेश यादव राजनीति में नेता जनेश्वर मिश्र को श्रेय देते हैं.
अखिलेश यादव साल 2000 से राजनीति में पूर्ण रूप से भागीदारी निभाने लगते हैं. साल 2004 और 2009 में हुए 14वीं और 15वीं दोनों आम चुनाव में उनको जीत प्राप्त हुई थी. मुलायम सिंह यादव जो जिम्मेदारी निभाते थे. अब उनके पुत्र अखिलेश यादव निभाना शुरू कर देते हैं. इसी साल अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश के विधान परिषद के सदस्य निर्वाचित होते हैं. उत्तर प्रदेश विधान परिषद का सदस्य बनते हैं. और 2 मई 2012 को 15वीं लोकसभा के सदस्य के रूप में इस्तीफा भी दे देते हैं.
उत्तर प्रदेश मैं 2012 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी 224 सीट प्राप्त करती है और पूर्ण आंकड़े से सरकार बनाने में सफल रहती है 12 मार्च 2012 को अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते हैं. 2012 से लेकर 2017 तक का मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए उत्तर प्रदेश में सेवाएं देते हैं. उसके बाद 2017 में सपा पार्टी राजनीति से हाथ धो बैठती है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के बनते हैं. 2019 में अखिलेश यादव संसद सदस्य चुने जाते हैं. इस प्रकार देखें तो अखिलेश यादव तीन बार संसद के सदस्य के रूप में कार्य कर चुके हैं. 2022 में मैनपुरी जिले के करहल विधानसभा से उनके ऐतिहासिक जीत होती है.
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