AJIT DOVAL BIOGRAPHY: अजीत डोभाल का संपूर्ण जीवन,परिचय नेट इनकम एजुकेशन क्वालीफिकेशन खुफिया विभाग में करियर

Written by: Juhi

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Saurabh

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AJIT DOVAL BIOGRAPHY: अजीत डोभाल का जन्म 20 जनवरी 1945 को उत्तराखंड पौड़ी गढ़वाल के घिरी बनलस्यू गांव में हुआ था. इनके पिता का नाम मेजर जीएन डोभाल है. वह अपने समय में भारतीय सेवा में अधिकारी रह चुके हैं. साल 1972 में अजीत डोभाल की शादी अरुणि डोभाल से हुई थी. अजीत डोभाल और अरुणि के दो बच्चे हैं. शौर्य डोभाल भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हुए हैं. भारतीय राजनीतिज्ञ हैं भाजपा उत्तराखंड के कार्यकारी सदस्य भी हैं.
यह इंडिया फाउंडेशन के संस्थापक हैं.

अजीत डोभाल की शिक्षा

अजीत डोभाल की शुरुआती शिक्षा राजस्थान के अजमेर में मौजूद अजमेर मिलिट्री स्कूल से पूरी हुई है. साल 1967 में वह आगरा विश्वविद्यालय से इकोनॉमिक्स में स्नातकोत्तर के डिग्री कंप्लीट करते हैं.

अजीत डोभाल का खुफिया विभाग में करियर

साल 1968 में अजीत डोभाल केरल कैडर में पुलिस अधीक्षक एएसपी के रूप में कार्य कर चुके हैं. उसके बाद अजीत डोभाल केरल के कोट्टायम जिले में सहायक पुलिस अधीक्षक के रूप में कार्य किए हैं. उसके बाद 1972 में कुछ समय के लिए अजीत डोभाल केरल के थालासेरी में कार्य करते हैं. अजीत डोभाल को एक आईपीएस भारतीय पुलिस सेवा के रूप में सबसे ईमानदार होना अधिकारी के रूप में उनकी पहचान होती है. अजीत डोभाल एक दशक से लंबे समय तक आईबी के संचालन विंग में सेवाएं दे चुके हैं. अजीत डोभाल मल्टी एजेंसी सेंटर और संयुक्त कार्य बल के संस्थापक और अध्यक्ष के रूप में भी कार्य कर चुके हैं. अजीत डोभाल भारत के कई महत्वपूर्ण आतंकवादी गतिविधियों को रुकवा चुके हैं.

साल 1988 में ऑपरेशन ब्लैक थंडर को अजीत डोभाल ने सफल बनाया था. उसके बाद ऑपरेशन ब्लैक थंडर वह ऑपरेशन है जिसमें स्वर्ण मंदिर में खालिस्तानियों आतंकवादियों के विरुद्ध कार्यवाही किए थे. उनके नेतृत्व में भारत की सुरक्षा एजेंसियां सही से कार्य कर पाई थी. उसके बाद उनके नेतृत्व में ऑपरेशन ब्लू स्टार को अंजाम दिया गया था. यह ऑपरेशन भी सफल रहा था. अजीत डोभाल खालिस्तानी के बीच उनके सदस्य के रूप में कुछ दिन बिताते हैं. और उनके इस कार्य को पूरे देश में सराहा जाता है. अजीत डोभाल सिक्किम राज्य को भारत में विलय करने के मामले से संबंधित खुफिया जानकारी जुटाना में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका थी. उनके प्रयासों से आज भारत में कई ऑपरेशन सफल रहे हैं. सिक्किम भारत का उसके बाद नया राज्य बना. जब कंधार हवाई जहाज अपहरण हुआ था उसे वक्त भी अजीत डोभाल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. जिसके बाद यात्रियों की जान बची थी. अजीत डोभाल को खुफिया ब्यूरो के निदेशक के पद पर नियुक्त किया जा चुका है.

अजीत डोभाल से जुड़ी खास बातें

30 मई 2014 को अजीत डोभाल को भारत का पांचवा राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के रूप में नियुक्त किया गया था. वह अभी भी इस पद पर कार्यरत हैं. अजीत डोभाल 2014 में 46 भारतीय नर्सों की वापसी में भूमिका निभा चुके हैं. म्यांमार से संचालित होने वाली नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड अलगावड़ियों के खिलाफ अजीत डोभाल सेवा प्रमुख जनरल दलबीर सिंह सुहाग के साथ मिलकर उनकी मंसूबों को नाकाम कर चुके हैं. अजीत डोभाल और जनरल दलबीर सिंह सुहाग के साथ चलाए गए ऑपरेशन में नेशनलिस्ट सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड से जुड़े 20 से 30 अलगाववादियों को मार गिराया गया था. चीन और भारत का डोकलाम सीमा विवाद सुलझाने में अजीत डोभाल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.

भारत सरकार अजीत डोभाल को होनहार ईमानदार अधिकारी के रूप में उन पर भरोसा करती है. मोदी सरकार में अजीत डोभाल को अक्टूबर 2018 में रणनीतिक नीति समूह का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था. इस पद को राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद में तीन स्तरीय संरचना का पहला स्तर माना जाता है. 3 जून 2019 को अजीत डोभाल को 5 साल के लिए दोबारा एनएसए के पद पर नियुक्त किया जाता है. उसके बाद उन्हें कैबिनेट मंत्री का व्यक्तिगत दर्जा दिया गया है अजीत डोभाल ऐसे पदों पर कार्य करने वाले वह देश के पहले एनएसए हैं. अजीत डोभाल 7 सालों तक पाकिस्तान में मुसलमान के रूप में भारत के जासूस बनकर रह चुके हैं. अजीत डोभाल भारत के सुरक्षा एजेंसियों में ईमानदारी पूर्वक अपनी जिम्मेदारी को निभाते हैं और उनके द्वारा किए गए कार्य उल्लेखनीय है. अजीत डोभाल की मासिक सैलरी 2 लाख से ज्यादा है.

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