कौन है लोक गायिका मैथिली ठाकुर, बॉलीवुड को किया बायकॉट, 25 साल की उम्र में लड़ेंगी चुनाव, MAITHILI THAKUR BIOGRAPHY

Written by: Juhi

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Saurabh

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MAITHILI THAKUR BIOGRAPHY: मैथिली ठाकुर सिर्फ 25 साल की उम्र में लोक गायिका के तौर पर दुनिया भर में अपनी पहचान बन चुकी है. लोक गायिका मैथिली ठाकुर अब अपने जीवन की नई शुरुआत करने जा रही है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मैथिली दरभंगा के अलीनगर सीट से चुनाव लड़ेंगी. मैथिली ठाकुर बहुत ही कम उम्र में कई सारे उपलब्धियां अपने नाम कर चुकी हैं. लोक गायिका भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ अब वह राजनीति का सहारा लेकर समाज की सेवा करेंगी. एक नजर डालते हैं मैथिली ठाकुर के जीवन से जुड़ी हर एक पहलुओं पर.

मैथिली ठाकुर का जन्म 25 जुलाई 2000 को बिहार के मधुबनी जिले के बेनीपट्टी इलाके में हुआ था. मैथिली के पिता का नाम रमेश ठाकुर है. वह खुद भी एक संगीतकार है. मैथिली की माता जी का नाम था पूजा ठाकुर है. मैथिली ठाकुर का बचपन संगीत से जुड़े लोगों के बीच में बीता. मैथिली के बड़े भाई का नाम ऋषभ ठाकुर छोटे भाई का नाम अयाची हैं. लोक गायिका मैथिली ठाकुर को भारतीय शास्त्रीय संगीत और लोक गीतों को गाने का अभ्यास उनके पिता और दादा जी से प्राप्त हुआ. ऐसे में मैथिली ठाकुर का पूरा जीवन संगीत की दुनिया में बीता है. मैथिली ठाकुर अपने परिवार के बेहद करीब है. मैथिली का परिवार काम के सिलसिले में दिल्ली आए. लेकिन यहां पर उनको काफी लंबे समय तक आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा.

पांचवी क्लास तक मैथिली ठाकुर ने की घर पर पढ़ाई

मैथिली ठाकुर बचपन से ही संगीत की शिक्षा अपने दादाजी और पिता से लेती थी. जिसके चलते उनका पूरा समय संगीत का अभ्यास करने में जाता था. पांचवी क्लास तक मैथिली घर पर ही पढ़ाई करती थी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मैथिली कि जब 12 से 13 साल की उम्र हो चुकी थी.

तब उनको एमसीडी स्कूल में दाखिला मिला था. मैथिली को संगीत के क्षेत्र में अच्छा अभ्यास था. इसी टैलेंट की वजह से उन्हें प्राइवेट स्कूल बाल भवन इंटरनेशनल स्कूल में स्कॉलरशिप भी मिली. मैथिली अपने पिताजी और दादा जी से संगीत का प्रशिक्षण ली. बचपन से शास्त्रीय संगीत के साथ-साथ लोक संगीत की तरफ मैथिली का रुझान बढ़ा. उनके इस कला ने भारत समेत पूरे विश्व में एक अलग पहचान दिलाई है.

मैथिली को मिला रियलिटी शो द राइजिंग स्टार से अलग पहचान

मैथिली ठाकुर कई सारे रियलिटी शोज का हिस्सा रह चुकी है. इससे पहले लोग गायिका मैथिली ठाकुर सारेगामापा लिटिल चैंप्स और इंडियन आइडल जूनियर जैसे इंडिया के बड़े सिंगिंग रियलिटी शोज का हिस्सा रह चुकी थी लेकिन यहां पर उनका सिलेक्शन नहीं हुआ. 2017 में रियलिटी शो द राइजिंग स्टार्स में उनका सिलेक्शन हुआ. इस रियलिटी शो की वह फर्स्ट रनर अप विजेता रही. लोक गायिका उस वक्त 11वीं क्लास में पढ़ रही थी.

सोशल मीडिया और मैथिली ठाकुर का अचीवमेंट्स

मैथिली ठाकुर अपना यूट्यूब पर एक चैनल बनाती हैं. जिस पर वह अपने मधुर आवाज में लोकगीत और शास्त्रीय संगीत गाकर वीडियो अपलोड करती है. यहां से उनके साथ फैंस जुड़ने लगे. उनको एक प्लेटफार्म मिला जहां वह रोज अपना अभ्यास और फॉलोवर्स के साथ इंटरेक्शन करती हैं. मैथिली ठाकुर एक शो करने के लिए 5 से 7 लाख रुपए चार्ज करती है. मैथिली ठाकुर भारतीय संस्कृति परंपरा को फॉलो करती हैं. उनको साड़ी पहनना बेहद पसंद है. मैथिली सात्विक भोजन का सेवन करती है. दिवंगत एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद मैथिली ठाकुर ने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में काम करने से मना कर दिया.

वह बॉलीवुड इंडस्ट्री के लिए गाना नहीं गाती है. लोक गायिका शास्त्रीय संगीत गायिका मैथिली ठाकुर दिल्ली यूनिवर्सिटी के आत्माराम सनातन धर्म कॉलेज से ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की है. मैथिली लोकगीत भक्ति गीत छठ गीत पारंपरिक मैथिली गीतों के अलावा भोजपुरी हिंदी गीतों को अपनी आवाज देती है.लाइव स्टेज शो प्रोग्राम डिजिटल प्लेटफॉर्म पर वह एक्टिव रहती है. मैथिली बिहार राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड ने उन्हें ब्रांड एंबेसडर भी घोषित किया हुआ है. संगीत नाटक अकादमी के प्रतिष्ठित उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार से सम्मानित किया गया है.

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