ज्योतिरादित्य सिंधिया का पढ़े संपूर्ण जीवन परिचय नेट इनकम फैमिली बैकग्राउंड शिक्षा राजनीतिक करियर, JYOTIRADITYA SCINDIA BIOGRAPHY

JYOTIRADITYA SCINDIA BIOGRAPHY: 1 जनवरी 1971 को मुंबई में ज्योतिरादित्य सिंधिया का जन्म हुआ था. उनके पिता का नाम माधवराव सिंधिया था. माधव राव सिंधिया भी कांग्रेस पार्टी के अनुभवी नेता रह चुके हैं. साथ ही 1990 से लेकर 1993 तक माधवराव सिंधिया भारतीय क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में सेवाएं दे चुके हैं. उनकी मौत 30 सितंबर 2021 को विमान दुर्घटना में हो गई थी. ज्योतिरादित्य सिंधिया की माता का नाम माधवी राजे सिंधिया है. ज्योतिरादित्य सिंधिया का विवाह 12 दिसंबर 1994 को प्रियदर्शनी राजे सिंधिया के साथ हुआ है.

इन दोनों के दो बच्चे हैं. बेटे का नाम महान आर्यमन सिंधिया है. बेटी का नाम अनन्या सिंधिया है. ज्योतिरादित्य सिंधिया हिंदू धर्म से आते हैं जाति से क्षत्रिय कुर्मी है. ज्योतिरादित्य सिंधिया की फैमिली बैकग्राउंड की बात कर तो इनका परिवार राजा महाराजाओं के तरह अमीर है. उनके परिवार का ग्वालियर पर शासन हुआ करता था. यह धनी घर आने से ताल्लुक रखते हैं. अभी के समय में ज्योतिरादित्य सिंधिया सबसे अमीर सांसदों राज्यसभा में गिने जाते हैं.

ज्योतिरादित्य सिंधिया की एजुकेशन क्वालीफिकेशन

जय हो तेरा आदित्य सिंधिया की शुरुआती पढ़ाई मुंबई के कैपियन स्कूल से पूर्ण हुई है. इन्होंने आगे की पढ़ाई देहरादून की दून बोर्डिंग स्कूल से पुरी की है. आंखों की पढ़ाई के लिए यूएसए चले गए थे. 1993 में हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स में बीए की डिग्री पूरी करते हैं. 2001 में सिंधिया स्टैंफोर्ड यूनिवर्सिटी से मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन MBA की डिग्री पूरी करते हैं. यह जानकारी उनके द्वारा घोषित की गई चुनाव फार्म भरने के दौरान साझा किए थे.

ज्योतिरादित्य सिंधिया की शुरुआती करियर

ज्योतिरादित्य सिंधिया का पूरा परिवार राजघराने की ठाठ बाट की तरह फैमिली बैकग्राउंड से आता है. उनके पिता भी कांग्रेस के नेता रह चुके हैं. सिंधिया का जीवन समृद्ध परिवार में बीता है. उन्होंने बचपन से ही शानौ शौकत नेताओं से मिलना जुलना उनका बचपन से ही था. ऐसे में उनको राजनीति में आने में किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं हुई. सबसे पहले सिंधिया ने अपनी पढ़ाई पूरी की.

ज्योतिरादित्य सिंधिया का राजनीतिक सफर

जय हो तेरा रितेश सिंधिया का राजनीति में आने का कोई योजना नहीं था वह 30 सितंबर 2001 में उनके पिता की हवाई दुर्घटना में अचानक मौत हो जाती है उनके जाने के बाद गुना मध्य प्रदेश का लोकसभा क्षेत्र वाली सीट खाली नहीं छोड़ी जा सकती थी. ऐसे में 2002 में लोकसभा का ज्योतिरादित्य सिंधिया चुनाव लड़ते हैं और वहां की जनता सिंधिया को पूर्ण बहुमत से जिताती है. सिंधिया ने भारतीय जनता पार्टी के नेता राज सिंह यादव को मात दिए थे.

इस जीत के बाद सिंधिया को राजनीति में अपनी विरासत संभालने की जिम्मेदारी कंधे पर आ जाते हैं. सिंधिया को साल 2009 में 15वीं लोकसभा उसके बाद साल 2014 में 16वीं लोकसभा में आने का मौका मिलता है. 2019 में होने वाले 17वीं लोकसभा चुनाव में सिंधिया बीजेपी पार्टी के नेता कृष्ण पाल सिंह यादव से गुना लोकसभा सीट से चुनाव लड़ते हैं. इस बार वह हार जाते हैं. यहां से उनका राजनीतिक कैरियर पलट जाता है. सिंधिया को लगातार हार मिलने के कारण कांग्रेस में उनका टिकना मुश्किल हो रहा था. आपसी मतभेदों के कारण पार्टी में समन्वय बनाना और मुश्किल हो रहा था. 2019 में वह मध्य प्रदेश का अध्यक्ष बनने की मांग रखे थे.

कांग्रेस पार्टी ने उनको अध्यक्ष का पद नहीं दिया. उसके बाद कई सारे कांग्रेसी नेताओं के साथ सिंधिया 9 मार्च 2020 को कांग्रेस पार्टी को टाटा कर देते हैं. इससे कांग्रेस की पार्टी मध्य प्रदेश में हार जाति है. बीजेपी की सरकार बन जाती है. जिसका नेतृत्व शिवराज सिंह चौहान ने किया है. कमलनाथ कांग्रेस की सरकार गिर जाने के बाद. कांग्रेस पार्टी छोड़ने के बाद सिंधिया बीजेपी पार्टी ज्वाइन कर लेते हैं. बीजेपी से सिंधिया राज्यसभा सांसद भी बने हैं. वर्तमान में सिंधिया केंद्र बीजेपी में नागरिक उड़िया मंत्री मिनिस्टर ऑफ़ एविएशन के पद पर सेवाएं दे रहे हैं. आगे सिंधिया को मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद भी बना दिया जाता है.

ज्योतिरादित्य सिंधिया साल 2002 2004 2009 2014 में मध्य प्रदेश के गुना लोकसभा से लगातार जीत हासिल किए हैं. सिंधिया 2008 में संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के राज्य मंत्री का पद संभाल चुके हैं. 2009 में केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री के रूप में कार्य कर चुके हैं. 2012 में सिंधिया केंद्रीय ऊर्जा मंत्री का पद पर कार्य कर चुके हैं. साल 2020 9 मार्च में कांग्रेस के सदस्यता से उन्होंने त्यागपत्र दे दिया था. 11 मार्च 2020 आधिकारिक तौर से बीजेपी पार्टी के सदस्य बन गए थे. 19 जून 2020 मध्य प्रदेश से राज्यसभा सदस्य के रूप में निर्वाचित होकर सांसद बने थे.

कितने अमीर हैं सिंधिया

ज्योतिरादित्य सिंधिया के पास कोई संपत्ति 442 करोड़ रुपए से ज्यादा है. चल संपत्ति 62 करोड़ रुपए से ज्यादा. आंचल संपत्ति 362 करोड रुपए से ज्यादा हैं. यह रिपोर्ट 2025 में जारी की गई चुनावी अधिकार संगठन का ADR डेमोक्रेटिक रिफॉर्म इंडिया की तरफ से जारी किया गया है.

Leave a Comment