ग्रेटर नोएडा के निजी कॉलेजस् और यूनिवर्सिटी में आए दिन किसी ना किसी छात्रों की खुद खुशी के मामले सामने आ रहे हैं. बिहार के पूर्णिया का रहने वाला 24 साल छात्र शिवम डे शारदा यूनिवर्सिटी से BTech computer science की पढ़ाई कर रहे थे. पिता का नाम कार्तिक चंद डे है.
सुसाइड करने वाले छात्र ने एक सुसाइड नोट भी लिखा है जिसमें वह अपने करने की जिम्मेदारी किसी के ऊपर नहीं थोप रहा है. मृतक के पिता ने कहा है कि हमें नहीं पता था कि हमारा बेटा सुसाइड कर लेगा. मृतक के माता का रो-रो कर बुरा हाल हो रहा है.
5 अगस्त शुक्रवार को छात्र ने किया आत्महत्या
ग्रेटर नोएडा के एक निजी विश्वविद्यालय (शारदा यूनिवर्सिटी) से शिवम डे बीटेक की पढ़ाई कर रहे थे. छात्र ने शुक्रवार की रात करीब 8:30 बजे अपने हॉस्टल के कमरे में पंखे से लटक कर आत्महत्या को अंजाम दिया. हॉस्टल के ही कर्मचारियों ने शिवम को पास के अस्पताल में भर्ती करवाया जहां पर डॉक्टरों ने शिवम को मृत घोषित कर दिया. शिवम ने आत्म हत्त्या करने से पहले एक सुसाइड नोट भी लिखा. सुसाइड नोट पुलिस के पास है. सुसाइड नोट में शिवम ने अपनी आत्महत्या की जिम्मेदारी खुद से करने की बात स्वीकार की है.

शिवम ने आत्महत्या का उठाया कदम
पुलिस को छात्र के कमरे से एक सुसाइड नोट मिला है. जिसमें छात्र ने सुसाइड की डायरी में लिखा है कि आत्महत्या करना मेरा खुद का फैसला है. इसमें कोई भी व्यक्ति शामिल नहीं है. मैं पिछले 1 साल से आत्महत्या करने की योजना बना रहा था. यह दुनिया मेरे लिए नहीं है. या शायद मैं इसके लिए नहीं हूं.
मैं सिर्फ बेकार हूं. पुलिस से शिवम ने अनुरोध किया है कि मेरी मौत के लिए किसी को भी जिम्मेदार नहीं ठहराया जाएगा. यूनिवर्सिटी से अनुरोध है कि परिजनों को मेरी फीस वापस दे. छात्र ने खुद को शिक्षा के लायक सही नहीं समझा. छात्र ने यह लिखा है कि शिक्षा प्रणाली में बदलाव की जरूरत है. मेरा अंग किस लायक हो तो उसे दान कर दिया जाए. और अंत में मृतक छात्र ने लिखा है कि बाबा माफ करना मैं आपका सहारा नहीं बन सका.
पिता ने यूनिवर्सिटी प्रशासन पर उठाया गंभीर सवाल
मृतक के पिता ने कहा है कि यूनिवर्सिटी फीस जमा करने के लिए समय-समय पर कॉल करती रही. लेकिन यूनिवर्सिटी वालों ने कभी भी मेरे बेटे की गैर हाजिरी के बारे में कोई जानकारी नहीं दी. शिवम के पिता कार्तिक चंद डे ने बताया है कि 2023 के बाद यूनिवर्सिटी नहीं गया मेरा बेटा तो फीस क्यों ली गई. इसकी जानकारी क्यों नहीं पेरेंट्स को दी गई. साथी ही यूनिवर्सिटी वालों ने मृतक शिवम की फीस वापस देने की बात स्वीकार कर ली है.